वैदिक ज्योतिष में राहु (उत्तरी पात): अर्थ, राशियाँ, रत्न और मंत्र
- का कारक
- महत्वाकांक्षा, विदेश और अनोखी बातें, तकनीक, अचानक बदलाव और भ्रम
- स्वामी
- अपनी कोई राशि नहीं
- उच्च राशि
- वृषभ
- नीच राशि
- वृश्चिक
- वार
- शनिवार
- रंग
- धुएँ जैसा नीला, स्लेटी
- रत्न
- गोमेद
- महादशा
- 18 वर्ष
- जिन नक्षत्रों का स्वामी है
- आर्द्रा, स्वाति, शतभिषा
- मंत्र
- ॐ राहवे नमः
दुर्गा जी या भैरव जी की पूजा करें; शॉर्टकट और नशे से दूर रहें।
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